Posts

Showing posts from March, 2026

चन्द्र ग्रहण का अनोखा रहस्य

Image
चन्द्र ग्रहण का अनोखा रहस्य  ग्रहण एक ऐसी खगोलीय घटना है जो #पृथ्वी, #सूर्य_और_चंद्रमा के बीच की ज्यामितीय स्थिति से उत्पन्न होती है। सूर्य सिद्धांत में इसे गहन गणितीय सूत्रों से समझाया गया है, जहाँ ग्रहण की गणना सूर्य, चंद्रमा और #राहु_केतु (चंद्र पात या नोड्स) के सापेक्ष स्थिति पर आधारित है।  यह ग्रंथ (लगभग 400 – 500 ईस्वी के आसपास संकलित) खगोलीय गणित का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें सूर्य और #चंद्रमा_के_व्यास, पृथ्वी की छाया की चौड़ाई, और नोड्स की गति का वर्णन है। चंद्र ग्रहण तब होता है जब #पूर्णिमा के समय चंद्रमा पृथ्वी की छाया (#उम्रा_और_पेनुम्ब्रा) में प्रवेश करता है। भौतिक रूप से यह पृथ्वी के बीच आने से सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक न पहुँच पाती है, जिससे चंद्रमा अंधकारमय या लालिमा युक्त (#ब्लड_मून) दिखाई देता है—यह लालिमा पृथ्वी के वायुमंडल से सूर्य की रोशनी के अपवर्तन (#रिफ्रैक्शन) के कारण आती है।  सूर्य सिद्धांत में इसे छाया की ज्यामिति से गणना किया गया है, जहाँ #चंद्रमा के व्यास और पृथ्वी की छाया की लंबाई को कोणीय माप से जोड़ा जाता है। खगोलीय गणित में य...